अपेक्षा सिटी, चाचियावस अजमेर में घटिया निर्माण और अवैध वसूली पर उठाए सवाल

 
                                                         
   

अजमेर के चाचियावस स्थित अपेक्षा सिटी में मुख्य मंत्री आवास योजना के तहत बन रहे विला और टाउनशिप में घटिया निर्माण, अवैध वसूली और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर एक बड़ी शिकायत सामने आई है। कमलजीत सिंह जो इस प्रोजेक्ट की एक निवासी हैं,  ने राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायती पत्र भेजकर अपनी परेशानी साझा की है। इसी के साथ ही उन्होंने अपेक्षा सिटी को जरिए अधिवक्ता नोटिस भी भिजवाया है उन्होंने आरोप लगाया है कि अपेक्षा सिटी के निर्माण में वादा किए गए उच्च गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की जा रही है और उपभोक्ताओं से अवैध तरीके से वसूली की जा रही है।

कमलजीत सिंह ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्हें और अन्य निवासियों को जो विला और सुविधाएं दिखाई गई थीं, वे उस वास्तविकता से बहुत अलग हैं जो मौके पर उपलब्ध हैं। अपेक्षा सिटी द्वारा ग्राहकों को बताया गया था की प्रत्येक विला उच्च गुणवत्ता की निर्माण सामग्री से बने होंगे और एक पॉश टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। लेकिन असल में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विला में बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, सीवरेज सिस्टम और सफाई की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके चलते निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

घटिया निर्माण सामग्री का आरोप

कमलजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि अपेक्षा सिटी द्वारा उनके विला के निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। विला के दीवारों पर दरारें आ रही हैं, शौचालय के नलके जंग से ढके हुए हैं, और मुख्य दीवार के पिलर का टॉप बार-बार उखड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो प्रिमियम क्वालिटी के विला का आश्वासन दिया गया था, वह बिल्कुल भी वैसा नहीं है। इसके अलावा, विला के अंदर लगाए गए किचन फर्नीचर और फिटिंग्स भी त्रुटिपूर्ण और खराब गुणवत्ता के थे। इसके चलते निवासियों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।





अवैध वसूली और बिजली की समस्या

कमलजीत सिंह ने शिकायती पत्र में यह भी खुलासा किया कि अपेक्षा सिटी ने अवैध बिजली वसूली की है। उन्होंने बताया कि विला निवासियों से 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली वसूली जा रही है, जबकि राज्य सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का प्रावधान है। कमलजीत सिंह  का कहना था कि उन्हें और अन्य निवासियों को यह अधिकार नहीं मिल रहा है, और इस मामले में उन्होंने अजमेर विद्युत वितरण निगम से शिकायत भी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपेक्षा सिटी द्वारा अवैध तरीके से बिजली बिल वसूलने का मामला गंभीर जांच का विषय है।

इसके अलावा, पानी की आपूर्ति भी बोरिंग से की जा रही है, जिसका टीडीएस (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) लेवल बहुत अधिक है और वह पानी पीने योग्य नहीं है। कमलजीत सिंह ने कहा कि यह पानी न तो पीने योग्य है और न ही नहाने के लिए, जिससे निवासियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।



प्रचारित सुविधाओं का अभाव

कमलजीत सिंह ने अपने शिकायती पत्र में यह भी कहा कि अपेक्षा सिटी द्वारा जो सुविधाएं प्रचारित की गई थीं, जैसे विशाल गार्डन और अन्य सुविधाएं, वे कहीं भी मौजूद नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अजमेर विकास प्राधिकरण ने इस गार्डन पर कार्यवाही करते हुए उसे डीमार्क किया है। इसके बाद, एक मंदिर का निर्माण भी कराया गया, जिसका काम अब रुक चुका है। यह सभी तथ्य इस बात को साबित करते हैं कि अपेक्षा सिटी ने प्रचार के दौरान गलत जानकारी दी थी और उपभोक्ताओं को गुमराह किया था।

विला के पजेशन में देरी और मानसिक परेशानी

कमलजीत सिंह  ने यह भी बताया कि अपेक्षा सिटी ने विला का पजेशन देने में एक साल से भी ज्यादा समय की देरी की है। इसके बावजूद, जब पजेशन दिया गया, तो विला की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाएं जैसी उम्मीद थी, वैसी बिल्कुल भी नहीं थीं। कमलजीत सिंह ने कहा कि वह इस स्थिति में मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो गए हैं और उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिरकार उन्हें मिलने वाले विला में ऐसी गंभीर कमियां क्यों हैं।

रेरा और अन्य विभागों से जांच की मांग

कमलजीत सिंह ने रेरा और मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया कि अपेक्षा सिटी द्वारा किए गए निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और रेरा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि रेरा की वेबसाइट पर मौजूद रिपोर्ट्स भी सही नहीं हैं, क्योंकि उनमें कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया गया है, जैसे कि प्रोजेक्ट के वास्तविक आंकड़े और विला के बेचान की जानकारी।

कमलजीत सिंह  ने आगे कहा कि अपेक्षा सिटी द्वारा किए जा रहे कार्य रेरा नियमों और अन्य सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और उपभोक्ताओं से अवैध तरीके से वसूली की जा रही है। उन्होंने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है और कहा कि यदि उच्च अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है, तो इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

निवासियों के हक की रक्षा की मांग

कमलजीत सिंह  ने कहा कि, "यहां पर रहने वाले हर एक व्यक्ति का उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं और सुविधाओं का हक है, और हम अपेक्षा सिटी से इसे प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" उन्होंने मांग की कि उन्हें उनके विला की गुणवत्ता, बिजली, पानी और सफाई की सुविधाओं के मामले में जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।





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